गुजरात और हिमाचल चुनाव में बसपा की हार का दोषी कौन

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इसी तरह गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान ओखी तूफान से डरे राहुल गांधी और अमित शाह ने जब अपनी चुनावी रैली रद्द कर दी थी, मायावती डटी रहीं और तूफान की परवाह किए बिना निश्चित कार्यक्रम के मुताबिक अपनी रैली को संबोधित किया. उस दौरान मायावती ने जो भाषण दिया, उसकी स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हुई. इन दोनों घटनाओं ने देश भर में फैले बसपा समर्थकों को यकीन दिलाना शुरू कर दिया था कि इस साल गुजरात चुनाव में बसपा बेहतर नतीजे लेकर आएगी. लेकिन 18 दिसंबर को आए चुनावी नतीजों ने बसपा समर्थकों की उम्मीद को तोड़ दिया है.

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