विवेक तिवारी हत्याकांड : गलत का समर्थन नहीं होना चाहिए

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पुलिसकर्मियों में गलत को गलत कहने की हिम्मत नहीं बची, क्योंकि दलाली, पलाली और हिलाली में अपना जीवन व्यर्थ कर दिया। सच्चाई को स्वीकारने की ताकत नहीं। यही कारण है कि ये सब भेड़चाल में शामिल हैं। जो कुछ भी विवेक तिवारी के साथ हुआ वह गलत है उसे भुलाया नहीं जा सकता। कानून सुरक्षा के लिए है किसी की हत्या के लिए नहीं। बेगुनाह विवेक तिवारी की हत्या के विरोध में अगर आप काली पट्टी बांधते तो आपको सेना के जवानों वाला सलाम देता। लेकिन आज आप उस आरोपी के समर्थन में आ गए।

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गलती आपकी नहीं है आज मुझे वहीं सीन याद आ रहा है जब कश्मीर में सेना के जवानों पर पत्थर फेंका जाता है उन्हें पीट पीटकर मार दिया जाता है तो सब चुप्पी साध लेते हैंं, लेकिन अगर यही सेना के जवान अपने बचाव में किसी पत्थरबाज को जीप के आगे बांधकर चौराहा क्रास करते हैं तो मानवाधिकार आयोग से लेकर तमाम लोग विरोध में जुट जाते हैं। मुझे लगता है कि गलत का समर्थन करने की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
(ये सब पर लागू नहीं होता)

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सुयश मिश्रा की फेसबुक वाल से

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