राहुल राज: अध्यक्ष बनते ही राहुल की पहली गुगली, 83 साल का नेता आउट!

0
2498

शिमला। राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद कांग्रेस में नए युग की शुरुआत होने जा रही है। युवा हाथों में कमान आने के बाद पार्टी में कई बदलाव हो सकते हैं। इसमें पार्टी में वृद्ध हो चुके नेताओं पर खतरे की घंटी बजने लगी है। हिमाचल की राजनिति में अब वीरभद्र सिंह के राजनैतिक करियर पर विराम लगने का समय आ गया है।

हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आ रहे हैं। इस बार कांग्रेस की जीत होती है या हार, लेकिन प्रदेश में वयोवृद्ध कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह की विदाई लगभग तय है। पार्टी में अब युवा नेतृत्व को कमान दी जाएगी।

वीरभद्र से नाखुश हैं राहुल
प्रदेश में 6 बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह अब 83 साल के हो चुके हैं। पार्टी की कमान राहुल के हाथ में आने के बाद युवाओं को कमान सौंपने की स्ट्रेटजी कांग्रेस बना सकती है। वीरभद्र सिंह को नेतृत्व न देने का एक और कारण उनका अडिय़ल रवैया और उनके खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले हैं। इसी के चलते राहुल गांधी वीरभद्र सिंह से नाखुश बताये जाते रहे हैं।

पहले भी रिश्तों में आती रही है खटास
वीरभद्र सिंह व राहुल गांधी के रिश्तों में पहले ही खटास आती रही है। चुनावों के दौरान भी वीरभद्र सिंह ने पार्टी के फैसलों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू को हटाने के लिए डटे रहे। इससे भी राहुल गांधी वीरभद्र सिंह से काफी नाराज हुए हैं।

टिकट आवंटन पर भी उठाईं थीं उगलियां
हिमाचल चुनाव से पहले टिकट आवंटर और नेतृत्व भले ही वीरभद्र के हांथ में रहा, लेकिन कुछ लोगों को चुनावों में टिकट सीधे राहुल गांधी के दखल के बाद दिये गये। चुनाव के बाद खुद वीरभद्र सिंह ने भी पार्टी के टिकट आवंटन के फॉर्मूले पर उंगलियां उठाई थीं। हालांकि बाद में वह अपनी सेहत में सुधार के लिये केरल चले गये।

यह भी पढ़ें…

खुशी की लहर: राहुल गांधी बन गए अध्यक्ष, ​झूम रहे हैं कांग्रेसी

गुजरात चुनाव: संकट में आ गई बीजेपी, अहमदाबाद प्रशासन ने दिया झटका

ऐतिहासिक पल: सवा साल बाद फिर युवा होने जा रही है कांग्रेस

झटका : गुजरात विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान से पहले BJP का यह नेता कांग्रेस में होगा शामिल

#Gujrat_Election_2017: सर्वे रिपोर्ट में खुलासा, कांग्रेस को मिल सकती है…

कांग्रेस के लिए बड़ी खुशखबरी, गुजरात चुनाव से पहले मोदी को करारा झटका

प्रदेश अध्यक्ष को हटाने पर अड़े हैं वीरभद्र
वीरभ्रद सिंह चौहान और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू में लंबे समय से मनमुटाव चल रहा है। वीरभद्र सुखविन्दर को हटाने की मांग करते रहे हैं। वही सुखविन्दर राहुल के करीबी होने के कारण पार्टी में जमे हैं। इसी को लेकर आलाकमान ने भी कई बार इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन मामला सुलझा नहीं।

गौरतलब है कि 11 दिसंबर को केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष एम रामचंद्रन ने बताया कि राहुल गांधी को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। 132 साल पुरानी कांग्रेस में राहुल गांधी 60वें अध्यक्ष होंगे। 16 दिसंबर को कांग्रेस मुख्यालय में राहुल को अध्यक्षी चुनाव जीतने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इस दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद होंगी।

https://www.facebook.com/Rahul-Gandhi-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BE-508942096163510/?ref=br_rs

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here