UPSC इंटरव्यू में पूछा: यूपी की समस्या क्या है? जानिए जवाब

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लखनऊ। यूपीएससी 2017 परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया में 25वी रैंक पाने वाले साद मियां खान का इंटरव्यू करीब 40 मिनट तक चला था। दिन था 21 मार्च। पैनल था तमिलनाडु कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्मिता नागराज का। इंग्लिश में चले पूरे इंटरव्यू के दौरान उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले साद मियां खान से एक के बाद एक कई सवाल पूछे गए। तमाम सवालों में से एक था – आप उत्तर प्रदेश से हैं, तो बताएं कि वर्तमान में नौकरशाह या सिविल सेवा अधिकारी उत्तर प्रदेश में किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं?
पढि़ए इस सवाल का साद ने क्या जवाब दिया?
साद का उत्तर उन्हीं की जु़बानी….
‘उत्तर प्रदेश एक काफी बड़ा राज्य है। यहां हर गांव व दूर दराज के इलाकों में प्रशासन नहीं पहुंच पाता। जितनी बड़ी जनसंख्या है, उसके हिसाब से हमारे प्रशासन व पुलिस में लोग नहीं है।’
दूसरा… यहां किसी चीज की राजनीतीकरण बहुत जल्दी हो जाता है। सिविल सर्वेन्ट्स इस समस्या का सामना भी करते हैं।
तीसरी चीज – यहां ऑटोनॉमी कम है। ऑटोनॉमी यानी काम करने की स्वतंत्रता।
ऑटोनॉमी के साथ-साथ एक नौकरशाह की जिले में रहने वाली अवधि भी बहुत कम है। जितने समय एक नौकरशाह जिले में पदस्थ रहता है वह अवधि बहुत कम है।
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साद से पूछा अगला सवाल – सिविल सर्वेन्ट्स का मनोबल ऊंचा करने के क्या करना चाहिए?
साद का उत्तर –
– जो सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारी हैं, उन्हें सम्मानित करना चाहिए।
– अप्रेजल काम को देखकर होना चाहिए। वह ऑब्जेक्टिव होनी चाहिए।
– उनका एक जगह पर तैनात रहने का कार्यकाल लंबा होना चाहिए।
– उन्हें नए काम करने की आजादी होनी चाहिए। उन्हें इनोवेशन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।

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