ड्राइवर ने लिखा पत्र, 61 लोगों को रौंदने की सुनाई कहानी, आप भी पढ़ लें पत्र

0
611

विजयदशमी के दिन काल बनकर 61 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली ट्रेन के ड्राइवर ने अपना पक्ष रखा है। सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हो रहा है। यह लेटर ट्रेन के ड्राइवर अरविंद कुमार का बताया जा रहा है। हालांकि यह अरविंद ने किसी अधिकारी या विभाग को नहीं लिखा है। लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में अरविंद ने पूरी घटना बताई है। आइए जानते हैं क्या है इस पत्र में।

पत्र में अरविंद ने कहा कि घटनास्थल से पहले फाटक के पास मुझे ग्रीन सिग्नल मिला था। पर जोड़ा फाटक के पास मुझे यलो सिग्नल दिखा। यलो का मतलब होता है कि गाड़ी की गति को कम करना। हमने गाड़ी की स्पीड को कम करने की कोशिश की थी।

सामने से भी एक ट्रेन आ रही थी। तभी मेरी नजर सामने ट्रैक पर पड़ी तो वहां भीड़ थी। लोग ट्रैक पर थे। इसके बाद मैंने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। साथ ही लगातार हॉर्न बजाता रहा। भीड़ ज्यादा दी भगदड़ के चलते कुछ लोग गाड़ी के नीचे आ गए। आगे जाकर गाड़ी की स्पीड कम हो चुकी थी। तभी वहां मौजूद भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पैसेंजर्स की सेफ्टी के चलते मैंने ट्रेन को रोकना उचित नहीं समझा और आगे बढ़ा दिया। आगे के स्टेशन पर गाड़ी रोककर मैंने रेवले के बड़े अधिकारियों को इस हादसे की जानकारी दी।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here