साध्वी बोलीं: दीन का रास्ता नहीं छोड़ेंगे मुसलमान, नहीं लेंगे कोरोनिल

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लखनऊ। कोरोना महामारी (Corona epidemic) से पूरी दुनिया प्रभावित है। विश्व के बड़े बड़े डॉक्टर, साइंटिस्ट इसका इलाज खोजने में लगे हैं। ऐसे में योगगुरु बाबा रामदेव (Yoga Guru Baba Ramdev)ने आयुर्वेद (Ayurved)की मदद से कोरोना की मेडिसिन तैयार कर ली है। कोरोनिल (coronil) नाम की यह मेडिसिन एक हफ्ते में पतंजलि स्टोर (patanjali Store)पर उपलब्ध होगी। वह अलग बात है कि आयुष मंत्रालय (Ayush ministry)ने फिलहाल इसके प्रचार पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि इसकी जानकारी उसे नहीं दी गई। अभी मंत्रालय ने रामदेव से इसकी रिसर्च से जुड़े तमाम तथ्यों की मांग की है। बहरहाल यह दवाई अगर रामबाण साबित हुई तो क्या बाबा रामदेव का विरोध करने वाले इस दवाई का सेवन नहीं करेंगे।

विश्व हिंदू परिषद (VHP)की फायरब्रांड नेता डॉ. साध्वी प्राची(Sadhvi Prachi) ने यही सवाल किया है उन सभी विरोधियों से जो बाबा रामदेव के प्रोडक्ट का ​विरोध करते रहे हैं। साध्वी प्राची ने सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि कोरोनिल, गोमूत्र और योगा ये सच्चा मुसलमान तो लेगा नहीं। साध्वी ने कहा कि कोरोना के लिए जो रामदेव जी ने कोरोनिल दवाई बनाई है अगर ये रामबाण साबित हो जाएगी तो इसे सच्चा मुसलमान कभी एक्सेप्ट नहीं करेगा, क्योंकि योगा आयुर्वेद, गोमूत्र कोरोनिल ये सब इस्लाम में हराम है।

यही इस्लाम का उपदेश है इस्लाम (Islam)के बंदों के लिए। साध्वी ने कहा कि इस्लाम के बंदे दीन का रास्ता नहीं छोड़ेंगे। भले ही इनको कोरोना के साथ जीना पड़े। ये लोग योगा नहीं अपनाएंगे। आयुर्वेद(ayurved), योगा, गोमूत्र और कोरोनिल नहीं लेंगे। फिर चाहे कोरोना से लड़ते लड़ते जान ही क्यों न चली जाए।

साध्वी प्राची ने मौलाना साद का उदाहरण देते हुए कहा कि ये अपना अपना संस्कार है एक तरफ मौलाना साद जिसने देशवासियों को कोरोना दिया वहीं दूसरी तरह एक भगवाधारी बाबा जिसने कोरोना संकट से पूरे विश्व को बचाने के लिए दवाई बनाई। साध्वी ने कहा कि यही अंतर है हममे और उनमें। भगवा से अभी और सीखने की जरूरत है।

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