आज वामपंथी- सेक्युलरवादियों के मुंह पर तमाचा पड़ा है: साध्वी प्राची

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Suyash Mishra

आर्य टीवी डेस्क। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। खुदाई के दौरान बुधवार को राम मंदिर के कई अहम साक्ष्य मिल रहे हैं। इसको लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है कि यहां मंदिर ही था। कोर्ट भी इस बात को स्वीकार चुका है और मंदिर बनाने के आदेश दिए हैं। मंदिर में संभवता त्रेता युग के साक्ष्य मिलने के बाद हिन्दुवादी नेता डॉ. साध्वी प्राची ने कहा है कि वामपंथी और सेक्यूलरवादी नेताओं के मुंह पर बड़ा तमाचा है।

अब वह देख लें कि अयोध्या में राम मंदिर ही था। जब रामलला के मंदिर बनाने को लेकर बात आई तो से लोग वहां मस्जिद होने का दम भर रहे थे, लेकिन जब कोर्ट ने हिन्दुओं के पक्ष में फैसला सुना दिया तो ये लोग भाईचारे की मिसाल की दलील देते हुए कह रहे थे कि वहां पर न मंदिर बनें न मस्जिद बल्कि हॉस्पिटल बना दों। ऐसे सेक्यूलरवादी और वामपंथियों के मुंह आज सिल गए हैं।

डॉ. प्राची ने कहा कि प्राचीन पुरातन मंदिर के साक्ष्य खुदाई के दौरान पहले भी मिले थे और आज भी मिल रहे हैं। अब हम गर्व से सीना चौड़ा करके कह सकते हैं कि हमारा मंदिर यहीं था।

यूपी के इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक बात कही थी कि दिल्ली के एसी रूम में बैठकर जो लोग मनगढ़ंत कहानियां लिख रहे हैं कि यहां मंदिर नहीं था ऐसे लोगों पर बड़ा अफसोस है। साध्वी ने कहा कि अयोध्या के अंदर जो देवी देवताओं की मूर्तियां निकल रही हैं कुंआ निकल रहा है। यह लोगों के मुंह पर तमाचा है।

आगे बातचीत के दौरान साध्वी प्राची ने एक शेर पड़ते हुए कहा कि ‘खुशबू कभी आ नहीं सकती कागज के फूलों से, सच कभी छुप नहीं सकता झूठे वसूलों से।’ साध्वी ने कहा कि पहले जो पत्थरों पर नक्काशी होती थी वह सारी चीजें मिल रही हैं। जो दुर्लभ चीजें हैं। ये प्रमाण है कि वहां मंदिर ही था। साध्वी ने कहा कि​ जो लोग अस्पताल बनाना चाह रहे थे भगवान ने उनकी बात सुनी है और कोर्ट से जमीन मिली है अब उनकी मर्जी है चाहे वो अपनी जमीन पर अस्पताल बनवाएं या शौचालय।

क्या है पूरा मामला
श्रीराम जन्मभूमि पर मं​दिर निर्माण कार्य शुरू हो चुका। अभी खुदाई और भूमि समतलीकरण का काम सोशल डिस्टेंसिंग के साथ डीएम की परमीशन के बाद शुरू हुआ है। इसी बीच खुदाई में राम मंदिर के पुरावशेष, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, आमलक दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां निकली है। अब तक 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ, 6 रेडसैंड स्टोन के स्तम्भ ,5 फुट के नक्काशीनुमा शिवलिंग और मेहराब के पत्थर आदि बरामद हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि समतलीकरण कार्य में 3 जेसीबी, 1 क्रेन, 2 ट्रैक्टर और 10 मजदूर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 11 मई से चल रहे समतलीकरण कार्यक्रम के दौरान जहां हाई कोर्ट के आदेश पर एएसआई ने खुदाई करवाई थी, वहां और आसपास के इलाकों में काफी संख्या में मंदिर के अवशेष मिले हैं।

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