हिम्मत है तो पूरा पढ़ो, सच्चाई है तो शेयर करो

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2007 में माया सरकार आई, बीकेटी विधानसभा से पहली बार एक विधायक हुए, नाम था नकुल दुबे, न जाने इन दिनों कहां हैं..कहीं दिखते नहीं, लेकिन उनके प्रयास और कार्य आज भी किसी से छिपे नहीं हैं। बसपा से जीते नकुल दुबे को नगर विकास समेत 6 विभागों का जिम्मा दिया गया था। बावजूद इसके वह ग्रामीण विकास को नहीं भूले। उनके कुछ विशेष प्रयासों को मैं लिख रहा हूं भूल होने या छूटने पर आप सुधार हेतु कमेंट दे सकते हैं। मेरा जनरल नॉलेज थोड़ा कमजोर है।
1— कुम्हरावां पावर हाउस
2— कुम्हरावा के ऐतिहासिक कारेशिव मंदिर परिसर में रोड़े थे, चलना मुश्किल था। मंदिर की पुताई, फर्स, सौंदर्यीकरण पूरे परिसर में टाइल्स लगवाया।
3— कुम्हरावां इंटर कॉलेज की जर्जर हो चुकी एक बिल्डिंग को तुड़वाकर नई बिल्डिंग बनवाई।
4— क्षेत्र की बेटियों के लिए कुम्हरावां से 3 किमी की दूरी पर महामाया डिग्री कॉलेज की स्थापना।
5— क्षेत्र में अकूत नल लगवाए।
6— तमाम छुटकए काम और स्कूल, कॉलेजों को डोनेशन आदि जैसे तमाम कार्य ​जिनको सार्वजनिक नहीं कर सकता।

ये सिर्फ कुम्हरावां का विकास था अन्य गांव और आस पास के लोग भी इस कार्यकाल के दौरान अपने गांव क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को साझा कर सकते हैं। इतना ही नहीं किसी और व्यक्ति के एक कार्यकाल के दौरान विशेष कार्यों को भी आप साझा कर सकते हैं। इस मैसेज को आप तक पहुंचाने का मेरा मकसद सिर्फ यही है कि चुनाव आने वाले हैं और सभी नेता झोली फैलाकर आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे। उनसे ये प्रश्न जरूर करना कि आपने क्या किया? हम आपको वोट क्यों दें?

नोट— मैं किसी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं। नकुल दुबे जी से मेरे कोई संबंध नहीं हैं। हो सकता है वो मुझे जानते हों क्योंकि मैंने उनके खिलाफ भी खबरें चलाई हैं। कृपया इस पोस्ट को शेयर करने के बदले मुझे कतई बसपा का हमदर्द, नकुल दुबे का चेला या फिर उनका समर्थक न समझा जाए। साथ ही यह उम्मीद भी न की जाए की मैं आने वाले चुनावों में उन्हें ही वोट दूंगा। असल बात है इसलिए जिम्मेदारी स्वरूप लिखी है। (शेयर करना आपकी जिम्मेदारी है)
#1_भस्मासुर #Nakul_Debey

साभार— सुयश मिश्रा की वाल से

https://www.facebook.com/suyash.mishra.336

 

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