विधायक-सांसद बीजेपी के फिर भी गड्ढामुक्त नहीं हुई सड़क

0
233

लखनऊ। (सुयश मिश्रा) चेहरे बदले, लेकिन चरित्र नहीं बदले। सरकार बदल गइ्र्र, लेकिन न तो समस्याएं बदलीं और न ही व्यवस्थाएं। आज भी आम जनता उन्हीं जरूरतों के लिए जूझ रही है, जिनके लिए कल उसने सत्ता बदली थी। चुनाव के दौरान किए गए लोक लुभावन वादे आज झूठे साबित हो रहे हैं। जिस विश्वास के साथ जनता ने नए हांथों में बागडोर दी थी आज वही विश्वास खो रहा है। हम बात कर रहे हैं बीजेपी के चुनावी वादे की। बीजेपी ने यूपी की सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का वादा किया था। सरकार को डेढ़ साल हो रहे हैं, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है। राजधानी लखनऊ की सड़कों का हाल जब ऐसा है तो अन्य जिलों में स्थिति क्या होगी आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।

कहते हैं झूठ की बुनियाद पर बनी कोई भी इमारत ज्यादा दिन टिकती नहीं। प्रदेश सरकार को डेढ़ साल राज करते हुए हो रहे हैं, लेकिन चुनाव के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया। प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का सरकार का संकल्प कोरा ही दिख रहा है। बीजेपी ने 28 जनवरी 2017 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया था। इसमे कई वादे थे जिसमें एक वादा था प्रदेश में 15 जून 2017 तक सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। ऐसे ही कई वादों के दम पर पूर्णं बहुमत से प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी और 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सरकार बने डेढ़ साल हो रहे हैं, लेकिन अभी तक राजधानी लखनऊ की सड़कें भी गड्ढे से मुक्त नहीं हो पाईं। दूसरे जिलों की स्थिति का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। बीकेटी विधानसभा क्षेत्र में बीकेटी से कुम्हरावां तक तकरीबन 10 किमी लंबे इस मार्ग को देखकर आपको योगी आदित्यनाथ के वादों की असलियत का पता चल जाएगा।

दुपहिया वाहनों से लेकर भारी वाहनों तक के लिए यह एकलौता मुख्य मार्ग है जो कम दूरी में गांव को शहर से जोड़ता है। इस सड़क पर सिर्फ गड्ढे हैं। इस कारण आम लोगों को हर रोज परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। इन गड्ढों के कारण महज 15 मिनट के इस रास्ते को तय करने में 45 मिनट का समय लग जाता है। इस मार्ग पर रोड लाइट भी नहीं हैं इस वजह से रात के समय साइकिल से चलना भी मुश्किल है। सड़क इतनी सकरी है कि दो वाहन एक साथ आ जाएं तो एक को नीचे उतरना पड़ेगा। यह हाल तब है जब यहां पर वर्तमान विधायक अविनाश त्रिवेदी बीजेपी से हैं साथ ही वर्तमान सांसद कौशल किशोर भी बीजेपी से चुनाव जीते हैं। सांसद और विधायक हर रोज इस सड़क से गुजरते हैं क्योंकि यहां से 20 किमी आगे तक उनका क्षेत्र है। सांसद ने अपने साढ़े चार साल पूरे कर लिए हैं वहीं एक साल चार महीने वर्तमान विधायक ने पूरे कर लिए, लेकिन यह मुख्य मार्ग आज भी बदहाल है। लोकसभा चुनाव नजदीक है, लेकिन सरकार आम जनता की समस्याओं को अब तक समझ नहीं पाई। दृष्टान्त के पत्रकारों द्वारा जब इस रोड का रिएलिटी चेक किया गया तो स्थिति और भी खराब दिखी। दस किमी का यह मुख्य मार्ग एक गली की तरह है।

जहां एक बड़े वाहन को क्रास करने के लिए आपको जमीन पर उतरना पड़ेगा। बहुत कोशिशों के बाद भी गड्ढों की संख्या को गिनना मुश्किल था। इतना ही नहीं इस पूरे मार्ग में 156 ब्रेकर बना दिए गए हैं। इस कारण महज 15 मिनट में तय होने वाले इस सफर में हमें गड्ढों की वजह से 45 मिनट से ज्यादा लगे। इसके बाद हम कुम्हरावां गांव पहुंचे तो हालात और खराब दिखे। यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। पूरी सड़क टूट चुकी है मेन मार्केट होने के बावजूद न तो सड़क है और न ही पक्का गलियारा। चैराहे पर ही इंटर काॅलेज बना है जहां दूर दराज से बच्चे पढ़ने आते हैं उन्हें भी हर रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह हाल केवल इसी सड़क का नहीं है, बल्कि अमानीगंज मार्ग की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। इतना ही नहीं इस इलाके की कई सड़कों की स्थिति खराब है।

क्या कह रहा है आम आदमी
इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत सदस्य कुम्हरावां, अवधेश मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का विकास इतना तेज दौड़ रहा था कि उसे 10 किमी की सड़क पर 156 ब्रेकर बनाने पड़ गए। इस सड़क का नाम यम सड़क रख देना चाहिए। सांसद हो या विधायक किसी के पास समय नही है इस समस्या को समझने के लिए। यह सरकार सिर्फ जुमलों की सरकार है। अखिल बाजपेई ने कहा कि शासन प्रशासन के संज्ञान में होते हुए भी इसकी अनदेखी विगत 10 सालों से की जा रही है। इसके लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि और वर्तमान सरकार जिम्मेदार है। कई बार इसको लेकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी महकमे के कानों में जूं तक नहीं रेंगी इसको क्या समझा जाये। सुशांत मिश्रा ने बताया कि इस सड़क के दोहरी करण को लेकर बार बार बात होती है, लेकिन सरकारें बदलती हैं काम नहीं होता।

क्या कहा चीफ इंजीनियर ने
पीडब्ल्यूडी लखनऊ के चीफ इंजीनियर पंकज बकाया ने कहा कि इस सड़क के बारे में मुझे अभी कोई आइडिया नहीं है। आप द्वारा यह संज्ञान में लाया गया है कि बीकेटी से कुम्हरावां रोड की स्थिति जर्जर है। जैसे ही मौसम साफ होगा हम सबसे पहले इस सड़क के गड्ढों को रिपेयर करवा देंगे, ताकि फिलहाल लोगों को असुविधा न हो। रही बात चौड़ीकरण की तो इसके लिए हम पीडब्लूडी से ट्राफिक सर्वे करवा दें। अगर मानकों के हिसाब से इसके चौड़ीकरण की आवश्यकता है तो हम इसका इस्टीमेट बनवा कर भेजेंगे। जल्द ही चौड़ीकरण होगा।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here