मक्का मस्जिद ब्लास्ट के सभी आरोपी बरी, जज ने दिया इस्तीफा

0
103

Lucknow. हैदराबाद की विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश के रवींद्र रेड्डी ने मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में पांच आरोपियों को बरी करने के कुछ घंटे बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी ने कहा कि रेड्डी ने मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश को अपना इस्तीफा सौंपा। जज ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों का हवाला दिया और कहा कि इसका फैसले से कोई लेना देना नहीं है।

क्या है पूरा मामला
18 मई 2007 को हैदराबाद के मक्का मस्जिद के पास हुए धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि 58 घायल हो गए थे। जनवरी 2009 को सीबीआई ने 21 लोगों को आरोपी बनाया, पर सबूतों के अभाव में सभी बरी कर दिया। 7 अप्रैल 2011 को एनआईए ने जांच शुरू की। असीमानंद सहित दस पर आरोप पत्र दाखिल हुए।

मक्का मस्जिद मामले में फैसले आने के बाद भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा से कांग्रेस से मांग की कि वह देश से माफी मांगे। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोटों के लिए हिंदू धर्म को बदनाम किया। वहीं कांग्रेस ने कहा कि फैसला जांच एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल है।

एनआईए के एक अधिकारी ने कहा, अदालत से फैसले की प्रति मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल एनआईए के पास उच्च अदालत में फैसले को चुनौती देने का विकल्प है। पीड़ित परिवार भी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ उच्च अदालत का रुख कर सकते हैं।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here