धर्मिक पर्यटन से जुडे लोगो को उद्यमिता के माध्यम से नौकरी देने लायक बनाएगा निसबड: अग्रवाल

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धर्मिक पर्यटन से जुडे लोगो को उद्यमिता के माध्यम से नौकरी देने लायक बनाएगा निसबड: अग्रवा
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चुनौतियां और रणनीतियाँ’ विषय कार्याशाला आयोजित
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रा भवन स्थित सीटेन हाल में हुआ आयोजन
वाराणसी। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघुु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) के महानिदेशक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी राजेश अग्रववाल ने कहा कि धार्मिक पयर्टन क्षेत्र में उद्यमिता को जोड़ कर बेरोजगारी कम करने एवं स्वरोजगार को और अधिक बढ़ावा दिया जा सकता है। निसबड धार्मिक पर्यटन क्षेत्र से जुडे लोगो को उद्यमिता के माध्यम से नौकरी मांगने नही देने लायक बनाएगा। श्री अग्रवाल मंगलवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन स्थित सीेनेट हाल में ‘वाराणसी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चुनौतियां और रणनीतियाँ’ विषयक कार्याशाला को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।
इस मौके पर श्री अग्रवाल ने कहा कि जिससे अधिक से अधिक लोग धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र ंकाम कर सके। उन्होने कहा कि संस्थान वाराणसी के उद्यमियों को धार्मिक पर्यटन जुडें क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने के लिए गुण सिखाएगा। जिससे उद्यमी अपनी आय दोगुनी कर सके। तथा इस तरह की रणनीति तैयार की जाएगी जिससे धार्मिक पयर्टन से जुडे व्यवसाइयांे को अपनी आमदनी बढ़ाने मे मदद मिल सके। कार्याशाला को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की अपर सचिव सुनीता सांगी ने कहा कि वाराणसी के साथी चंदौली में भी धार्मिक पर्यटन के विकास को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। उन्होने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय निसबड के इस प्रयास को पूरा सहयोग देगा। कार्याशाला में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राकेश भटनाकर ने कहा कि धार्मिक पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र से जुडे लोग पर्यटको के साथ अच्छा व्यवहार करे जिससे वह यहां से अच्छा सन्देश लेकर जाए। बीएचयू डिजाइन एवं इनोवेशन विभाग के अध्यक्ष डा0 मनीष अरोरा ने कहा कि डिजाइन एवं इनोवेशन विभाग इस क्षेत्र में निसबड को पूरा सहयोग करेगा। इससे पहले आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की निदेशक डा0 पूनम सिंन्हा ने कहा कि नवाचार, शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी के हस्तक्षेप की मदद से उद्यमशीलता के एकीकृत दिृष्टकोण को अपनाकर छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ाये जाना है। इसी को लेकर कार्यशाला में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में चुनौतियों और अवसरों को लेकर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। उन्होने बताया कि इस अवसर पर धार्मिक पयर्टन से जुडे व्यवसाइयों ने अपनी-अपनी समस्याओ का वर्णन किया तथा उन्होने यह बताया कि इन समस्याओ को सुलझाने में यदि उन्हें सरकार से मदद मिलेगी तो उन्हे व्यवसाय में बढ़ावा मिलेगा। इस कार्याशाला में होटल एसोसिएशन, गाइड एसोसिएशन, टूर एण्ड ट्रेेवल एसोसिएशन, नाविक एसोसिएशन, पूजा एसोसिएशन, बुनकर एसोसिएशन, पाॅट्री एसोसिएशन, आटो-टैक्सी एसोसिएशन व कालीन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग लीया।

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