घर जेवर बेचकर भी जिगर के टुकड़े को बचाने की कोशिश नाकाम

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वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ला की फेसबुक वाल से
घर जेवर बेचकर अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की कोशिश भी नाकाम साबित हुई….जिस खाकी पर भरोसा करके अपहर्ताओँ को रकम सौंपी उसे अगवा हुए शख्स से बचाने से ज्यादा फिक्र रही अपनी फजीहत पर लीपापोती करने की….कानपुर के संजीत को 22 जून को अगवा किया गया और आज उसके मौत के घाट उतारे जाने का खुलासा हुआ….दरअसल, पीड़ित परिवार ने बर्रा इंस्पेक्टर के मशविरे पर अमल करते हुए गुजैनी हाईवे के नीचे रेलवे लाईन पर रूपयों भरा बैग फेंक तो दिया परिजनों ने पर संजीत का कोई सुराग न मिला….पुलिसिया लापरवाही की बात मीडिया की सुर्खियां बनी, व्यथित परिजनों ने भी पुलिस से सवाल किए तो अपहृत की जान के खतरे और सकुशल बरामदगी के कोरे वायदे की आड़ में संजीत की बहन रूचि से कोई रकम न दिए जाने का झूठा बयान दिलाया गया….खुद एसपी साऊथ आईपीएस अपर्णा गुप्ता ने भी यही बयान दिया….पुलिसिया करतूत उजागर होने पर आनन फानन में इंस्पेक्टर को हटाकर आला अफसरों ने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली…..अब तो साफ नजर आ रहा है कि खाकीधारियों के हत्यारो से बदला लेने में व्यस्त कानपुर पुलिस के पास इस केस को हल करने की फुर्सत ही नहीं रही होगी

….अपने क्षेत्राधिकारियों से गनर छिनवाने में मशगूल रहे कानपुर एसएसपी इस केस को सकुशल खुलवाने में नाकाम साबित हुए……अनर्थ घटने के बाद जागी योगी सरकार ने एएसपी, सीओ, इंस्पेक्टर सहित चार लोगों को निलंबित कर दिया है….आईपीएस अफसर निलंबन से जल्द क्लीन चिट लेकर फिर से मजबूत पोस्टिंग हासिल कर लेते आए हैं.फिर कर लेंगे….बाकी भी देरसबेर बहाल हो जाएंगे पर सवाल तो पूछा ही जाएगा कि हाईटेक पुलिसिंग का कागजों और बयानों में दावा करने वाले अफसर किसी संजीत को खोज पाने में नाकाम क्यों रहे? गुडवर्क को लेकर पीठ थपथपाने वाले आला अफसरों की भूमिका नाकाम होने पर क्यों नहीं तय हो पाती?

सवाल ये भी कि अगर यूपी में कानून का राज है तो फिर अपहरण/पीटकर हत्या/लूट की वारदातें अभी भी क्यों घट रही हैं? सवाल ये भी की न तो पत्रकार विक्रम जोशी बच पाते हैं न ही आम नागरिक संजीत यादव तो जनता आखिर अपनी जान बचाने के लिए करे तो क्या करे? किस पर भरोसा करे किससे शिकायत करे? मुख्यमंत्री तक आम नागरिक तो दूर खुद वीआईपी का पहुंचना आसान नहीं…अफसरशाही द्वारा उनके इर्दगिर्द रच दी गई किलेबंद दीवार पार आम जनता अपनी आवाज पहुंचाए भी तो कैसे पहुंचाए???हां बीजेपी से तो कतई सवाल मत पूछिएगा अभी पार्टी यूपी में कोरोना के चलते आईसोलेट है…..!!!!!!

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