न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद मोदी सरकार को लगा दूसरा बड़ा झटका

0
8317
Mayawati

मुंबई। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद बीजेपी को दूसरे ही एक एक और बड़ा झटका लगा है। ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर आरटीआई से मिली जानकारी ने चुनाव आयोग के दावों की पोल खोल दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती समेत ज्यादातर विपक्षी दल ईवीएम को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। आरटीआई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र के बुलढाना जिले में हाल ही में हुए परिषदीय चुनाव के दौरान लोणार के सुल्तानपुर गांव में मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि दूसरे बटन पर भी क्लिक करने पर वोट बीजेपी के खाते में ही जा रहा था। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली एक न्यूज एजेंसी को यह जानकारी दी है।

आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया
आरटीआई कार्यकर्ता गलगली ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि सुल्तानपुर गांव में चुनाव में एक प्रत्याशी को नारियल चुनाव चिन्ह मिला था। मतदाता जब भी चुनाव चिह्न नारियल के बटन को दबाते तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव चिह्न कमल के सामने वाला एलईडी बल्ब जल उठता। निर्वाचन अधिकारी ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी, जिसका खुलासा आरटीआई से मिली जानकारी में हुआ।

एक निर्दलीय प्रत्याशी आशा अरुण जोरे ने 16 फरवरी को हुए मतदान के दौरान आई इस गड़बड़ी की शिकायत की थी और निर्वाचन अधिकारी से मामले की जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा था, जिसके बाद गलगली ने 16 जून को आरटीआई दाखिल की।

फारूक अब्दुल्ला पर बरसे राहुल, कहा- कश्मीर इज इंडिया, इंडिया इज कश्मीर

शिकायतों की जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी मानिकराव बाजद ने शिकायत सही पाई, जिसकी मतदान केंद्र के निर्वाचन प्रभारी रामनारायण सावंत ने पुष्टि की। रामनारायण ने ही लोणार के निर्वाचन अधिकारी को मामले की सूचना दी। लोणार के निर्वाचन अधिकारी के सहायक इसके बाद खुद मतदान केंद्र पहुंचे और शिकायत को सत्य पाया कि एक खास प्रत्याशी के चुनाव चिह्न वाला बटन दबाने पर वोट बीजेपी उम्मीदवार को जा रहा था।

बसपा बना रही रणनीति, गांव गांव तक पहुंचाएगी दलितों की आवाज

निर्वाचन क्षेत्र से कई निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी के पास शिकायत करने के बाद उस मतदान केंद्र पर मतदान रद्द कर दिया गया, मतदान केंद्र को बंद कर दिया गया, गड़बड़ ईवीएम मशीन को सील कर दिया गया और अतिरिक्त विकल्प के तौर पर रखी गई ईवीएम मशीन को लगाया गया। लेकिन जब कई राजनीतिक दलों ने फिर से मतदान कराए जाने की मांग उठाई तो मतदान पूरी तरह रद्द कर पांच दिन बाद 21 फरवरी को पुनर्मतदान करवाया गया।

चुनाव आयोग ईवीएम में गड़बड़ी नकारता रहा है
ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के आरोपों को चुनाव आयोग नकारता रहा है। विपक्षी दल लगातार इसको लेकर आवाज उठाते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी इसको लेकर हंगामा हुआ था वहीं उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अप्रत्याशित जीत के बाद भी विपक्षी दलों ने ईवीएम पर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस के लिए खुशखबरी, हिमाचल में BJP को बड़ा झटका दे सकते हैं वीरभद्र सिंह

चुनाव आयोग ने दी थी चुनौती
ईवीएम में छेड़छाड़ के विपक्ष के दावों को नकारते हुए चुनाव आयोग ने पिछले दिनों दिल्ली में मशीन में छेड़छाड़ करने के लिए विपक्षी विपक्षी दलों को खुली चुनौती दी थी इसमें कई दलों के लोग शामिल हुए थे। लेकिन ईवीएम में छेड़छाड़ को साबित नहीं कर सके।

मायावती ने उठाई थी आवाज
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने राज्यसभा में भी इस मुद्दे को रखा था। वह लगातार आरोप लगाती रही हैं कि ईवीएम में छेड़छाड़ की वजह से बीजेपी को यह जीत हासिल हुई है।

Delhi: मंत्री सत्येंद्र जैन की याचिका पर आयकर विभाग को नोटिस

इन नेताओं ने भी लगाए हैं आरोप
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे को उठा रखा है। हालांकि ईवीएम में छेड़छाड़ को साबित करने के लिए चुनाव आयोग न्यौते में वह शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस समेत कई विरोधी दल इसको लेकर आवाज उठा रहे हैं।

इससे पहले भी लग चुका है मोदी सरकार को झटका
अंग्रेजी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार में भारत कट्टरता की ओर भारत बढ़ रहा है। रोजगार घटे हैं कट्टरता बढ़ी है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक आर्टिकल प्रकाशित किया है। इसमें कई सवाल खड़े किए गए हैं।इसमें 2014 के बाद से भारतीय इकॉनमी को धीमा बताया गया है। खबर के मुताबिक 2014 में नरेंद्र मोदी को मिली प्रचंड जीत उनके वादों और हिंदू राष्ट्रवादी छवि की ही देन है।

मायावती लगाती रही हैं आरोप
बसपा सुप्रीमो मायावती मोदी सरकार पर कई बार कट्टरवादी और दलित विरोधी पार्टी के आरोप लगाती रही हैं। वह लगातार सरकार के विरोध कभी ऊना मामला ,कभी रोहित वेमुला तो कभी सहारनपुर हिंसा को लेकर आवाज उठाती रही हैं। पिछले दिनों उन्होंने राज्यसभा में बोलते हुए अचानक यह कहते हुए अपना इस्तीफा दे दिया कि उन्हें दलितों की आवाज उठाने से रोका जा रहा है।

https://www.facebook.com/%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C-Mayawati-201537023699267/

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here