गणतंत्र दिवस 2018

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लखनऊ  ( संकल्प सिंह) : शताब्दियों की परतंत्रता के उपरांत भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्र होने पर देश के कर्णधारों ने भारत के नवीन संविधान को लागू किया। तभी से भारत का सर्वोच्च शासक राष्ट्रपति कहलाया। भारत का नवीन संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया और यह दिन भारत का गणतंत्र दिवस कहलाया। भारत इस संविधान के अनुसार गणराज्य घोषित किया गया और तभी से 26 जनवरी का दिन प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के रूप में सारे भारतवर्ष में बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा।
26 जनवरी की तिथि का स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपना विशेष महत्व है। सन 1930 में रावी नदी के तट पर कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की । 26 जनवरी 1930 को उन्होंने प्रतिज्ञा की कि जब तक हम पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त ना कर लेंगे तब तक हमारा स्वतंत्रता आंदोलन चलता रहेगा और इसे प्राप्त करने के लिए हम अपने प्राणों की आहुति दे देंगे । इसी कारण 26 जनवरी का दिन ही भारत के गणतंत्र की घोषणा के लिए चुना गया।
26 जनवरी 1950 को भारत गणराज्य घोषित कर दिया गया। इसी दिन हम पूर्ण रुप से स्वाधीन हो गए। उस दिन लॉर्ड माउंटबेटन (गवर्नर जनरल) के स्थान पर डॉ राजेंद्र प्रसाद हमारे राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति बने । आज भियह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन भारत की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रपति की राजकीय सवारी निकाली जाती है। विजय चौक पर राष्ट्रपति जल , थल एवं वायु सेना की सलामी लेते हैं। तीनों सेनाओं की टुकड़ियां मार्च करती है और लाल किले तक पहुंचती है ।अनेक प्रांतों से आए लोग अपनी अपनी वेशभूषा में अपने-अपने लोक नृत्य प्रदर्शन तथा विभिन्न प्रकार की झांकियों से अपनी प्राचीन संस्कृति व प्रकृति का परिचय देते हैं । 26 जनवरी की शाम को सभी सरकारी दफ्तरों आदि में रोशनी की जाती है। देश के सभी गांवों स्कूलों व कॉलेजों में सफाई की जाती हैं । इन सभाओं में देश की एकता अखंडता व स्वतंत्रता को बनाए रखने की प्रतिज्ञा की जाती है । इस प्रकार 26 जनवरी 1950 को देश का अपना संविधान अपना राष्ट्रपति अपनी सरकार तथा राष्ट्रीय ध्वज हो जाने के कारण भारतवर्ष संसार का सबसे बड़ा गणराज्य बन गया।

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