गायब’ हुए प्रवीण तोगड़िया, VHP कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

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अहमदाबाद: विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया की आज रहस्यमय गुमशुदगी को लेकर मची अफरातफरी और विहिप के विरोध प्रदर्शन के बीच राजस्थान और गुजरात पुलिस ने वर्षो पुराने एक मामले में उनकी गिरफ्तारी की बात से साफ तौर पर इंकार किया है। दूसरी ओर अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें ढूंढने के लिए एक विशेष टीम बनायी है।

कार्यकर्ताओं ने किया चक्का जाम 
तोगड़िया के खिलाफ राजस्थान के सवाई माधेपुर जिले के गंगापुर शहर में एक दशक से पहले निषेधाज्ञा के उल्लंघन से जुड़े मामले में वहां की अदालत ने कई समन और जमानती वारंट के बाद गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी को लेकर वहां की पुलिस आज यहां आई थी। वह यहां सोला क्षेत्र के भागवत बंगलो के अपने आवास पर नहीं थे। पर उसके बाद से ही वह रहस्यमय ढंग से लापता हैं। विहिप ने इसके विरोध में यहां सोला पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन भी किया। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, सुरेन्द्रनगर समेत कई स्थानों पर भी चक्का जाम और प्रदर्शन किया गया।

गुजरात व राजस्थान ने नहीं किया गिरफ्तार 
सवाई माधोपुर के एसपी ममन सिंह ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 188 से जुड़े इस मामले में गंगापुर पुलिस अहमदाबाद गयी थी पर यह बिना तोगड़िया को गिरफ्तार किये वापस लौट आयी। यहां क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त जे के भट्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तोगड़िया को एक विशेष टीम ढूंढ रही है। उनका जल्द ही पता लगा लिया जायेगा। उनको गुजरात अथवा राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। वारंट किसी बहुत गंभीर मामले से जुड़ा नहीं था। राजस्थान पुलिस ने सोला पुलिस से वारंट के तामीले के लिए मदद मांगी थी। दोनों  तोगड़िया के आवास पर गए थे पर वह वहां नही थे उसके बाद पुलिस लौट आयी। एक पुलिस कांस्टेबल ने बताया कि वह किसी व्यक्ति के साथ ऑटो रिक्शा में बैठ कर कही चले गये थे।

विहिप ने पुलिस पर लगाए आरोप
वही विहिप के प्रदेश महामंत्री रणछोड़ भरवाड़ ने पत्रकारों से कहा कि बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें कार्यालय से पकड़ा था। तोगड़िया का फोन भी लगातार बंद है और उनका कुछ भी पता नहीं है। हमे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है क्योंकि उन्होंने भी कुछ समय पहले उन्हें खतरे की आशंका जतायी थी। गौरतलब है कि तोगड़िया के खिलाफ पिछले सप्ताह 21 साल पुराने मारपीट के एक मामले में यहां अदालत की ओर से गैर जमानती वारंट जारी होने पर विहिप ने कड़ा विरोध किया था। पांच जनवरी को विहिप नेता की पेशी के बाद यह वारंट रद्द हो गया था। तब तोगड़िया ने आरोप लगाया था कि उनकी राम मंदिर निर्माण की मांग समेत अन्य मांगों पर उनकी आवाज बंद कराने के लिए कोई उन्हें डराना चाहता है।

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