निजीकरण के मुद्दे पर बिजली संगठन में दो फाड़

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प्रमुख सचिव ऊर्जा और संघर्ष समिति के बीच निजीकरण को लेकर वार्ता आठ घंटे तक चली। वार्ता के बाद लिखित समझौता हुआ। समझौते में साफ लिखा गया है कि टेण्डर वापस ले लिए गए हैं और कर्मचारियों व अभियंताओं को विश्वास में लिए बिना उप्र में किसी भी स्थान पर कोई निजीकरण नही किया जाएगा ।

यह भी लिखा गया है कि विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार हेतु कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सार्थक कार्रवाई की जाएगी। वार्ता के अंतिम दौर में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने भी कर्मचारी संगठनों से बातचीत की।

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