भूमि संरक्षण अधिकारी विनोद यादव का लालच या तानाशाही? हीरे को छोड़ लोहे को सौंपी जिम्मेदारी

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(किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की जानकारी अगर आपके पास है तो 7007096037 पर संपर्क करें या फिर suyashmishra.lko@gmail.com पर संपर्क करें। आपका नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा)

Suyash Mishra
Suyash Mishra

बरेली। योगी राज में जहां एक तरफ भ्रष्ट और अक्षम अधिकारियों को समय से पूर्व रिटायर करके यह संदेश दिया जा रहा है कि अब सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस का मन बना चुकी है। अधिकारियों की तानाशाही और भ्रष्ट राज नहीं चलेगा। बावजूद इसके कई अधिकारी ऐसे हैं जिन पर किसी का भय नहीं। आज हम आपको एक ऐसे ही अधिकारी के एक कारनामें से पर्दा उठाने जा रहे हैं।

कृषि विभाग बरेली में तैनात भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅक्टर विनोद यादव के कारनामें इन दिनों खूब चर्चा बटोर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने एक अक्षम कर्मचारी को अतिरिक्त चार्ज दे दिया जबकि उससे ज्यादा सीनियर और पढ़े लिखे कर्मचारी को नजरअंदाज कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि केशव सिंह कृषि विभाग (भूमि संरक्षण) अनुभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत भूमि संरक्षण इकाईं बरेली में वरिष्ठ प्रावैधिक सहायक ग्रुप बी/भूमि संरक्षण निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। भूमि संरक्षण अधिकारी बरेली द्वारा प्रार्थी की योग्यता और वरिष्ठता को दरकिनार कर निहित स्वार्थ के लिए अचल कुमार को वरिष्ठ तकनीक सहायक गु्रप ए का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया।

केशव सिंह का कहना है कि अचल कुमार जिनकी योग्यता कृषि डिप्लोमा तथा विभाग में 30 जुलाई 1998 में प्राविधिक सहायक ग्रुप सी के पद पर योगदान किया गया। इनकी विभागीय ज्येष्ठता सूची संख्या 890/भाग 09 वर्ष 1998 पर अंकित है। अगस्त 2018 में प्रावैधिक सहायक ग्रुप बी के पद पर प्रोन्नति प्राप्त कर इकाई में कार्यरत हैं। जबकि केशव सिंह की योग्यता बीएससी एजी आनर्स तथा विभाग में 15 जनवरी 1987 में प्राविधिक सहायक गु्रप सी के पद पर योगदान दिया। विभागीय ज्येष्ठता सूची के क्रमांक 4287/भाग 7 वर्ष 1987 पर प्रार्थी का नाम अंकित है। तथा गु्रप सी के पद पर 30 जून 2017 से योगदान दे रहे हैं।

विनोद यादव का तानाशाही रवैया
केशव सिंह से 12 साल जूनियर अचल कुमार को वरिष्ठ तकनीक सहायक गु्रप ए का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। जबकि उनके पास सिर्फ डिप्लोमा है वहीं केशव सिंह बीएससी एजी हैं। भूमि संरज्ञण अधिकारी बरेली डाॅक्टर विनोद यादव ने मनमाने तरीके से तानाशाही रवैया अपनाते हुए वरिष्ठता को नजरअंदाज करके मनमाने ढंग से जूनियर और कम योग्य कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार देकर न सिर्फ नियमों का उल्लंघन किया है बल्कि अपनी कुर्सी का नाजायज दुरूपयोग किया गया है।

इस मामले में केशव सिंह का कहना है कि अधिकारियों द्वारा हठधर्मित, तानाशाही रवैया अपनाया गया है। वहीं कई कर्मचारियों का दबी जुबांन कहना है कि निहित स्वार्थाें की पूर्ति के लिए ऐसा किया गया है।

क्या कहा उप कृषि निदेषक ने
उप कृषि निदेशक बरेली मंडल (भूमि संरक्षण) यूपी सिंह से जब ब्यूरो हेड सुयश मिश्रा ने बातचीत की तो उन्होंने पहले मामले की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन जब उन्हें मुख्यालय से उप कृषि निदेशक द्वारा पत्र भेजे जाने की बात कही गई तो उन्होेंने कहा कि हां डीपी सिंह जी ने आख्या मांगी थी। अभी मैं फाइल देखूंगा फिर जानकारी दे पाउंगा। बहरहाल भूमि संरक्षण अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि वह योग्यता और अनुभव के आधार पर किसी भी कर्मचारी को अतिरिक्त चार्ज दें। मंगलवार तक मैं इस संबंध में फाइल देखकर आगे की कार्रवाई करूंगा।

उप कृषि निदेशक को मिले हैं दो पत्र
उप कृषि निदेशक बरेली मंडल (भूमि संरक्षण) यूपी सिंह को इस संबंध में उप कृषि निदेशक (मुख्यालय) डीपी सिंह द्वारा दो बार आख्या मांगी गई है। इस आख्या में डीपी सिंह द्वारा स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि वरिष्ठतम कर्मचारी को अलग रखते हुए कनिष्ठतम कर्मचारी को ग्रुप-ए पद का प्रभार दिया जाना नियमानुसार उचित नहीं है।

अब सवाल यह उठता है कि फिर किस आधार पर अनुभवी और योग्य कर्मचारी केशव सिंह को दरकिनार कर आखिर किस लालच के चलते भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅक्टर विनोद यादव ने अचल कुमार को अतिरिक्त चार्ज दे दिया।

इस मामले में उप कृषि निदेशक डीपी सिंह जी से बात नहीं हो पाई है। सोमवार डीपी सिंह और कृषि निदेशक से मामले पर जानकारी के साथ पढ़िएगा आगे का अंक।

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