President Election: नीतीश के बाद 3 और बड़े नेता विपक्ष को दे सकते हैं झटका

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने अपने उम्मीदवार व बिहार के तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविंद के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। वहीं विपक्ष मीरा कुमार के लिए प्रचार करने में एकजुट नहीं दिख रहा है।

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लखनऊ। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने अपने उम्मीदवार व बिहार के तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविंद के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। वहीं विपक्ष मीरा कुमार के लिए प्रचार करने में एकजुट नहीं दिख रहा है। इससे साफ जाहिर है कि विपक्ष की एकजुटता में सेंधमारी हो चुकी है। विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम से कम उन सभी दलों का वोट हासिल करना है, जिन्होंने मीरा कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार के अलावा ममता बनर्जी, शरद पवार और देवेगौड़ा को भी विपक्षी उम्मीदवार के रूप में मीरा कुमार उनकी पसंदीदा नहीं थीं। उधर नीतीश कुमार पहले ही एनडीए कैंडिडेट के समर्थन की बात कह चुके हैं । इसके बाद भी लगातार उनकी वापसी के लिए लालू यादव दबाव बना रहे हैं।

कांग्रेस फिर बुला सकती है बैठक
अंदरखाने से खबर आ रही है कि दोहरी चाल चलते हुए कांग्रेस राष्ट्रपति चुनाव के सम्बन्ध में नहीं बल्कि किसानों से जुड़े मुद्दे पर एक बार फिर सभी विपक्षी दलों के साथ मीटिंग कर सकती है। इस बहाने कांग्रेस विपक्ष को आगामी चुनाव के लिए भी साथ लाने के प्रयास करेगी। एनसीपी और जेडीयू ने कांग्रेस को किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का संयुक्त आंदोलन चलाने को कहा था पर तब कांग्रेस ने उस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब कांग्रेस उस मुद्दे के बहाने विपक्ष को एक करना चाहती है। जेडीयू नेता के सी त्यागी ने कहा कि अगर कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करती है तो सबसे पहला साथ नीतीश कुमार का मिलेगा।

लालू यादव और नितीश में हो रही जंग
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर लालू और नीतीश के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। नीतीश द्वारा यह कहे जाने पर कि मीरा कुमार की हार निश्चित है, तेजस्वी ने प्रतिक्रिया में कहा, ‘मैदान में कूद नहीं, और हम तय कर लेंगे कि हार गए और जीत गए? जो मैदान में कूदेगा वही न लड़ेगा?’ उन्होंने कहा कि कोई उम्मीदवार हारने की मंशा से चुनावी मैदान में नहीं उतरता।

नीतीश को निशाने पर लेते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘राष्ट्रपति चुनाव कोई वॉकओवर मैच नहीं है। जीत से ज्यादा विचारधारा जरूरी है। हम शुरू से ही आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं क्योंकि उनकी विचारधारा देश हित के खिलाफ है। हम उन्हें अपना वोट नहीं दे सकते।

इससे पहले लालू यादव ने कहा था कि नीतीश को एक बार फिर विचार करना चाहिए। वह ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं उन्होंने ही आरएसएस मुक्त भारत का नारा दिया था अब वही एनडीए के साथ खड़े हो रहे हैं।

आरजेडी के एक विधायक ने भी नीतीश को आड़े हाथों लिया था विधायक ने कहा था कि नीतीश दगाबाज हैं। वह मौके पर हमेशा साथ छोड़ देते हैं।

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