होमगार्ड पिता और बेटे ने एक ही बार में पास कर ली IES परीक्षा, बाबा ने मोछ पर ताव देते कहा ये है मेरा पोता

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लखनऊ के कप्तान के बंगले होमगार्ड दुर्गेशचंद्र मिश्रा की तैनाती है। जब उन्हें यह खबर मिली कि उनके बेटे शिवम मिश्रा ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) की परीक्षा पास कर ली है। शिवम को 114वीं रैंक मिली है। तो पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छाती चौड़ी हो गई और दौड़ दौड़कर सबको खुशिया बांटने लगे। पिता की आंखों में खुशी के आंसू भी थे। एक छोटी सी नौकरी के दम पर इतनी मेहनत करने के बाद बच्चों को पढ़ाने लिखाने में लगी उनकी मेहनत आज सफल हो गई थी।

परीक्षा पास करने के बाद क्या बोले शिवम
शिवम ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में 114वीं रैंक पाने का श्रेय अपने माता पिता को दिया है। शिवम ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। वहीं पिता दु्र्गेशचंद्र मिश्रा ने कहा कि बेटे की मेहनत के कारण ये हुआ।

जानें इस परीक्षा के बारे में
IES की परीक्षा बहुत ही कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। इसमें कुल चार पेपर होते हैं। इसमें पहला पेपर 200 अंकों का अंग्रेजी का होता है जिसे हल करने के लिए 2 घंटे का वक्त दिया जाता है। दूसरा, तीसरा और चौथा पेपर सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग पर आधारित होता है। इन तीनों पेपरों के लिए 3—3 घंटे का वक्त होता है ये 300-300 अंकों के होते हैं।


लिखित परीक्षा से पहले छात्रों का 200 अंकों का इंटरव्यू होता है। संघ लोक सेवा आयोग IES की परीक्षा को 3 दिनों में पूर्ण करा देता है। इस परीक्षा को भारत में सबसे कठिन प​रीक्षाओं में माना जाता है। IES की परीक्षा पास करने वाले छात्रों की नियुक्ति भारतीय रेलवे, भारतीय रक्षा, इंजीनियरिंग सेवा, सेंट्रल वाटर इंजीनियरिंग, सेंट्रल इंजीनियरिंग सेवा और बोर्डर रोड इंजीनियरिंग सेवा में होती है।

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