विराट कोहली कर रहे है इस भारतीय खिलाड़ी का करियर बर्बाद, लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद कर देते है टीम से बाहर

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परिवर्तन या बदलाव वाकई में प्रकृति का नियम है। परिवर्तन तो होना ही चाहिए तभी तो संसार का संयोजन बना रहेगा लेकिन इसके साथ ही ये भी सही है कि अति किसी भी चीज में ज्यादा हानिकारक होती है। तो भारतीय टीम के कप्तान भी इन दिनों कुछ इसी तरह की नीति पर चल रहे हैं। वो बदलाव तो करते जा रहे हैं। यहां तो तो ठीक है लेकिन बदलाव में अति हो रही है जो टीम के साथ ही टीम के खिलाड़ियों के लिए जबरदस्त नुकसानदायक साबित हो रही है।

विराट कोहली का बदलाव प्रेम-
विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक 34 टेस्ट मैच खेल चुकी हैं। और इन 34 टेस्ट मैचों की बात की जाए तो हर टेस्ट मैच में भारतीय टीम में एक ना एक तो बदलाव जरूर देखा गया है। आखिर ये विराट कोहली का बदलाव प्रेम ऐसा कैसा हो गया है जो लगातार दो मैचों में भी एक संयोजन के साथ नहीं खेल पा रहे हैं। ये एक सबसे बड़ा सवाल होने के साथ ही सबसे बड़ी चिंता की बात भी कही जा सकती है।

कोहली के बदलाव प्रेम का सबसे बड़ा शिकार बने भुवी –
बदलाव…. ठीक है बदलाव तो हो लेकिन इस बदलाव का सबसे बड़ा खामियाजा अगर किसी ने भुगता है तो वो हैं भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण की धूरी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने… भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम के इस समय सबसे खास गेंदबाज बने हुए हैं लेकिन लगता है विराट कोहली को भुवनेश्वर कुमार के साथ टेस्ट क्रिकेट में प्रयोग करने की आदत सी है गई है। भुवनेश्वर कुमार के साथ तो ऐसी स्थिति बन आई है कि विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम के 34 टेस्ट मैचों में भुवी तो केवल 8 टेस्ट मैच ही खेल सके।

भुवी पर कोहली नहीं दिखा पा रहे हैं विराट भरोसा-
आखिर भारतीय टीम के सीमित ओवर में गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ भुवनेश्वर कुमार के साथ सफेद पोशाक की क्रिकेट में कप्तान विराट कोहली का भरोसा नजर क्यों नहीं आ रहा है ये बात अभी तक तो सभी के लिए राज ही बनी हुई है। अब भुवनेश्वर कुमार के साथ बदलाव की कहानी को ही देख ले तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में विराट कोहली के कप्तान बनते ही भुवनेश्वर कुमार बाहर कर दिए गए। मतलब उसी सीरीज के एडिलेड टेस्ट से पहले वाले मैच में भुवी टीम का हिस्सा थे और कोहली के आते ही भुवी पर भरोसा टूट गया।

भुवनेश्वर के साथ विराट बदलाव की कहानी-
भुवनेश्वर कुमार के साथ बदलाव करने की ये कहानी जो विराट कोहली के कप्तान बनने के पहले टेस्ट मैच से शुरू हुई जो अभी तज जारी है। इस बीच भुवनेश्वर कुमार 2016 में वेस्टइंडीज दौरे पर ही लगातार मैचों का हिस्सा रहे बाकी तो कोहली की कप्तानी में भुवनेश्वर कुमार कभी भी दो टेस्ट लगातार नहीं खेल सके हैं। ये बदलाव उनके साथ अब तक जारी है जब भुवी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद भी सेंचुरियन में बाहर कर दिया।

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