राजस्थान में कांग्रेस के लिए संकट बने सचिन पायलट, जान लें अब क्या हुआ

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राजस्थान में सियासी लड़ाई चल रही हैं जयपुर में कांग्रेस की अहम बैठक हो रही है। सीएम हाउस में ये बैठक हो रही है। कांग्रेस पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया गया था कि जो भी इस बैठक में नहीं आएगा, उसपर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इस बीच सचिन पायलट गुट का दावा है कि उनके समर्थन में तीस विधायक हैं, जो इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

इस बीच कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी का कहना है कि भाजपा राज्य में सरकार नहीं गिरा पाएगी, सभी विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं। कोई भी नाराज नहीं है।

भाजपा में शामिल होंगे सचिन पायलट?

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खफा चल रहे सचिन पायलट के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के आसार हैं। रविवार को सचिन ने पूर्व कांग्रेसी साथी और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की, दोनों की मीटिंग करीब 40 मिनट तक चली थी।

क्या कहता है राजस्थान का नंबर गेम?
राजस्थान में कांग्रेस और साथी दलों के पास पूर्ण बहुमत है और भाजपा काफी दूर है। राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जिनमें से कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं इसके अलावा उसे कुछ अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि भाजपा के पास सिर्फ 72 विधायक हैं। अब अगर सचिन पायलट के दावे के मुताबिक, 30 विधायक पाला बदलते हैं, तो अशोक गहलोत सरकार पर संकट आ सकता है।

किस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई?

दरअसल, अशोक गहलोत और सचिन पायलट में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव से ही आरपार की लड़ाई जारी है, लेकिन मौजूदा वक्त में ये विवाद तब गहराया जब अशोक गहलोत ने बीजेपी पर सरकार गिराने का आरोप लगाया, साथ ही पार्टी के अंदर कुछ गद्दारों को चेताया। इसकी जांच के लिए एक ग्रुप बनाया गया, जिसने सचिन पायलट को पूछताछ के लिए नोटिस भेज दिया। हालांकि, ऐसा नोटिस सीएम को भी गया था। इसी के बाद विवाद बढ़ता गया। साथ ही सचिन पायलट के प्रदेश अध्यक्ष पद का कार्यकाल खत्म हो रहा है और राजस्थान में उपचुनाव, पंचायत चुनाव भी होने हैं।

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