मृतक आश्रित कोटे में योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाय: कोर्ट

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मृत्यु की दशा में आश्रित को इसी श्रेणी में नियुक्ति करने का प्रस्ताव देने के नियमावली के विपरीत करार दिया। कोर्ट ने कहा कि नियम पांच के तहत मृतक आश्रित को अपनी योग्यता के अनुसार नियुक्ति पाने का अधिकार है। कोर्ट ने याची की योग्यता को देखते हुए तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मृत्यु की दशा में आश्रित को इसी श्रेणी में नियुक्ति करने का प्रस्ताव देने के नियमावली के विपरीत करार दिया और कहा कि, नियम पांच के तहत मृतक आश्रित को अपनी योग्यता के अनुसार नियुक्ति पाने का अधिकार है। कोर्ट ने याची की योग्यता को देखते हुए तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने एकलपीठ के याचिका खारिज करने के आदेश को रद्द करते हुए याचिका स्वीकार कर ली है। एकलपीठ ने पुलिस विभाग द्वारा याची को चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी थी, जिसे विशेष अपील में चुनौती दी गयी थी। यह आदेश जस्टिस गोविन्द माथुर तथा जस्टिस सी.डी.सिंह की खण्डपीठ ने मुजफ्फरनगर की प्रेमलता की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है।

महिला ने योग्यता के आधार पर नौकरी मांगी

अदालत में दायर याचिका में महिला ने कहा कि उसके पति अविनाश कुमार पुलिस रेडियो विभाग में मैसेंजर थे, जिनकी 7 नवम्बर 2014 को मृत्यु हो गई थी। विधवा याची ने आश्रित कोटे में नियुक्ति की मांग में अर्जी दी थी और स्नातक डिग्री होने के कारण तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति की मांग की थी। विभाग में तकनीकी पद के लिए निर्धारित योग्यता आईटीआई ना होने के कारण दूसरे विभाग में दूसरे पद पर अर्जी देने का सुझाव दिया था।

हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने दिया आदेश
अर्जी देने पर कहा गया कि, पति चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे इसलिए उसी समान पद पर नियुक्ति की जा सकती है। जबकि याची का कहना था कि उसकी योग्यता के अनुसार उचित पद पर नियुक्ति दी जाए। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को इस पर फैसला दिया और याचिकाकर्ता को ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया।

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