पत्रकार के इस सवाल पर आग बबूला हो गए अखिलेश, देखें वीडियो

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कांग्रेस नेत्री शालिनी यादव ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। इस दौरान प्रेस कान्फ्रेंस में एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो मौके पर मौजूद अखिलेश यादव को नागवार गुजरा और फिर उन्होंने कुछ ऐसी प्रतिक्रिया दी जिसे देखकर आपको लगेगा कि क्या ऐसा समाजवाद हो सकता है। क्या समाजवादी वैचारिक रूप से इतने कमजोर हो सकते हैं जो एक पत्रकार के सवाल का सामना नहीं कर सकते।

क्या अब वह समय आ गया है जब पत्रकार नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ चाय पकौड़ा और बिरयानी खाने जाएंगे। क्योंकि अगर सवाल पूछने पर प्रतिबंध लगा दिया गया तो पत्रकारों के पास करने को क्या होगा? सोमवार का दिन समाजवादी पार्टी के लिए बेहद खास था। कांग्रेस के पूर्व सांसद श्यामलाल यादव की पुत्रवधू शालिनी यादव ने सपा ज्वाइन की। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे। सपा कार्यालय में एक प्रेस कॉफ्रेंस बुलाई गई थी। पत्रकारों से बातचीत में शालिनी यादव ने कहा कि हमारी संवैधानिक संस्थाएं इस समय खतरे में हैं अखिलेश यादव के विकास कार्यों को देखकर मैं सपा ज्वाइन कर रही हूं। इसके बाद सारे पत्रकारों ने अपने अपने सवाल पूछे इसी बीच एक पत्रकार हैं राघवेंद्र प्रताप सिंह।

इन्होंने पूछा कि शालिनी जी वो कौन कौन सी संवैधिक संस्थाएं हैं जिन पर आपको खतरा लग रहा है। यह सवाल पूर्व मुख्यमंत्री को नागवार गुजरा और माइक खीचते हुए उन्होंने खुद जवाब दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनीतिक दलों के नेता खुद तय करेंगे कि उनसे कौन से सवाल पूछने हैं और कौन से नहीं। मामला यही नहीं रुका इसी बीच राघवेंद्र ने एक और सवाल दाग दिया। यह कोई पहला मामला नहीं है जब एक पत्रकार को भरी सभा में सवाल पूछने पर जलील किया गया हो। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन जब भी ऐसी घटनाएं हुईं मौके पर मौजूद पत्रकार विरादरी मौन वृत धारण कर लेती है।

यही नहीं पत्रकार संगठन भी ऐसे मामलों में चुप रहना ही ठीक समझते हैं। कुछ दिन पहले ही एक छायाकार के साथ कलेक्ट्रेट में अभद्रता हुई थी लेकिन उस घटना पर भी सभी मौनी बाबा बन गए थे। पत्रकारों के साथ ऐसी घटनाएं न सिर्फ उनकी अस्मिता पर सीधा प्रहार हैं बल्कि लोकतंत्र के चौथे खंभे पर सीधा चोट करती हैं। लोकतंत्र खतरे में हो या न हो लेकिन लोकतंत्र के चौथे खंभे की अस्मिता खतरे में जरूर है।

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