नगर निगम: लेखा विभाग में सर्जिकल स्ट्राइक, दम है तो यहां भी करें

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लखनऊ। सितम्बर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी लांच पैड्स पे सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इसके बाद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शब्द चर्चा का विषय बन गया। देश के बाहर तक तो यह ठीक था, लेकिन अब देश के अंदर भी सर्जिकल स्ट्राइक होने लगी है।

नगर निगम में सर्जिकल ​स्ट्राइक
हम बात कर रहे हैं लखनऊ नगर निगम की। सोमवार 23 सितंबर को यहां भी एक ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक किया गया। लखनऊ की पहली महिला मेयर संयुक्ता भाटिया ने अचानक लेखा विभाग में एंट्री मारी तो बाबुओं के हांथ पांव फूल गए। महापौर ने आय—व्यय बैलेंस सीट पर बाबुओं से जवाब तलब किया। इस दौरान वह अपने साथ एक सीए को भी लेकर आईं ताकि अधिकारी और बाबू उन्हें बर्गला न सकें।

वह अलग बात है कि बाहरी सीए के साथ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों और प्रपत्रों की जांच पड़ताल का अंदरखाने विरोध हो रहा है, लेकिन मेयर पर इसका प्रभाव नहीं है।

क्या सिर्फ लेखा विभाग में है भ्रष्टाचार
वित्तीय व्यवस्था सुधारने के लिए अगर ऐसा किया जा रहा है तो इसकी प्रशंसा होनी चाहिए, लेकिन क्या सिर्फ लेखा विभाग में सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है। जन प्रतिनिधि होने के नाते नगर निगम की कमान उनके हांथ में है। संयुक्ता भाटिया को याद रखना चाहिए कि वह उस पार्टी के टिकट पर मेयर बनी हैं जो पार्टी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है।

सिर्फ दिखावा नहीं चलेगा
बावजूद इसके नगर निगम के हर विभाग में भ्रष्टाचार का घुन लगा है। क्या मेयर साहिबा इन विभागों में भी सर्जिकल स्ट्राइक करने की हिम्मत जुटा सकती हैं। या फिर सिर्फ दिखावा होता रहेगा।

उद्यान विभाग
यह नगर निगम की ही एक विंग है। यहां सालों से मालियों के मूल वेतन पर डाका डाला जा रहा है। नियमानुसार हर माली को नगर निगम 7200 रुपए मेहनताना देता है, लेकिन बीच के ठेकेदार अधिकारियों से साजगांठ करके मालियों को सिर्फ 4500 से 5000 रुपए ही दे रहे हैं। इसको लेकर मालियों का एक समूह लेबर कोर्ट तक अपील कर चुका है, जहां मामला लंबित है। उद्यान विभाग से संबंध तमाम एजेंसियां प्रति​ कर्मचारी से 2 से 2500 रुपए बचा रहे हैं जिसकी बंदरबांट नीचे से ऊपर तक होती है। क्या मेयर साहिबा इस बंदरबांट पर लगाम लगा सकती हैं? क्या इस विंग पर सर्जिकल स्ट्राइक होगी।

मालियों के वेतन पर डाका, सर्जिकल स्ट्राइक करें मेयर साहिबा!
नगर निगम में कार्यरत एक माली ने बताया कि उसे 6 महीने से वेतन नहीं मिला। घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। नगर निगम जाओ तो अधिकारी कहते हैं कि आपका हमसे कोई मतलब नहीं आप अपने ठेकेदार से बात करो। वहीं ठेकेदार कहता है ज्यादा आवाज उठाओगे तो निकालकर बाहर कर दिए जाओगे। हमारी सुनवाई तो कहीं नहीं हो रही। क्या मेयर साहिबा ऐसे लोगों की मदद के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने की हिम्मत रखती हैं?

स्वच्छ भारत मिशन में डाका
मेयर साहिबा! अक्टूबर 2014 में देश के प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान की शपथ ली थी। लखनऊ में आपके होते हुए झूठे आकड़े भेजकर मोदी जी के इस अभियान पर बट्टा लगाया जा रहा है। निगम के अधिकारियों ने सरकार को गुमराह किया है। क्या आप ऐसे अधिकारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके उन्हें बेनकाब नहीं करेंगी जो आपकी ही सरकार के मुख्यमंत्री को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। गलत आकड़े भेजकर वाहवाही लूट रहे हैं। हम बात कर रहे हैं। लखनऊ को ओडीएफ डबल प्लस का दर्जा देने की। ओडीएफ डबल प्लस की इमारत झूठ और फरेब की बुनियाद पर टिकी है। अगर इसकी जांच हो जाए तो बड़े बड़े अफसर जेल जाएंगे। इतना ही नहीं कई पार्षदों पर 420 का केस भी दर्ज होगा।

मेयर साहिबा ओडीएफ डबल प्लस के मानकों को एक बार पढ़ कर पूरे लखनऊ नगर निगम का मेरे साथ भ्रमण कर लें। असलियत आपको पता चल जाएगी। क्या आप इस पर सर्जिकल स्ट्राइक करेंगी?

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