कौन है स्वामी अग्निवेश, जान लें उनके बारे में

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छत्तीसगढ़ के सक्ति में 21 सितंबर 1939 को जन्में स्वामी अग्निवेश ने कोलकाता में कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के बाद आर्य समाज में सन्यास ग्रहण किया। स्वामी अग्निवेश पर नक्सलियों से सांठगांठ और हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार के आरोप लगते रहे हैं। जिसके कारण भारत में अनेकों अवसरों पर उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुये हैं। स्वामी ने एक राजनीतिक दल आर्य सभा बनाया है। बाद में 1981 में बंधुआ मुक्ति मोर्चा की स्थापना उन्होंने दिल्ली में की। स्वामी अग्निवेश ने हरियाणा से चुनाव लड़ा और मंत्री भी बनें लेकिन मजदूरों पर लाठी चार्ज की एक घटना के बाद उन्होंने राजनीति से ही इस्तीफा दे दिया।

बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संयोजक रहे स्वामी अग्निवेश इन दिनों माओवादियों से बातचीत के लिये चर्चा में हैं। माओवादियों और भारत सरकार के बीच बातचीत की कोशिश करते रहे हैं। स्वामी अग्निवेश का मानना है कि भारत सरकार और माओवादी मजबूरी में शांति वार्ता कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों के सामने इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। माओवादी प्रवक्ता आज़ाद की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले स्वामी अग्निवेश का कहना था कि इस घटना ने शांति वार्ता को गहरा झटका पहुंचाया है।

आपको बता दें कि अन्ना कमेटी के प्रमुख सदस्यों में सुमार स्वामी अक्सर विवादों में रहते हैं। मंगलवार को स्वामी अग्निवेश की भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने झारखंड के पाकुड़ में पिटाई के साथ-साथ उनके कपड़े भी फाड़ दिए। पहाड़िया महा सम्मेलन में भाग लेने आए स्वामी अग्निवेश के साथ पाकुड़ में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं व विद्यार्थी परिषद ने मारपीट की।
कार्यकर्ता स्वामी के पाकुड़ दौरे का विरोध कर रहे थे। इस दौरान काला झंडा दिखाने के दौरान मारपीट हो गई। मारपीट में स्वामी के कपड़े फट गए। स्वामी ने गोमांस पर बयान दिया था कि ‘गोमांस खाना चाहिए।’ इससे आक्रोशित हो भाजयुमो व अभाविप ने हमला कर दिया।

बड़ी संख्या में जुटे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने होटल के बाहर निकलते ही स्वामी अग्निवेश पर हमला बोल जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने स्वामी वापस जाओ के नारे भी लगाए।

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